Showing posts with label safe delhi. Show all posts
Showing posts with label safe delhi. Show all posts

Saturday, August 16, 2008

आप क्या इन्हें वोट देंगे?

पति - नेताजी ने बहुत अच्छा भाषण दिया स्वतंत्रता दिवस पर.
पत्नी - भाषण दिया या पढ़ कर सुनाया?
पति - एक ही बात है.
पत्नी - नहीं एक बात नहीं है. भाषण में बहुत सी बातें उन के ख़ुद के लिए भी थीं. अच्छा होता वह उन बातों को पढ़ लेते और अमल करते.
पति - मतलब, दूसरों को नसीहत पर ख़ुद मियां फजीहत?


पति - साठ साल के तुष्टिकरण पर पानी फ़िर गया. सुबह तिरंगा और शाम को अलगाववादियों का झंडा. खाया देश का गाया विदेश का.
पत्नी - धर्म की राजनीति करेंगे तो यही होगा.
पति - पर वह तो ख़ुद को धर्म निरपेक्ष कहते हैं. कल दूसरों को नसीहत भी दी उन्होंने कि धर्म पर राजनीति न करें.
पत्नी - चोर भीड़ में शामिल होकर पीछा करने वाला बन जाता है. दूसरों पर ऊँगली उठाता है और चिल्लाता है चोर चोर.
पति - मतलब, धर्म निरपेक्षता के परदे में कम्युनल?


मनमोहन जी की साफ़-सुथरी, हरी-भरी और सुरक्षित दिल्ली में रहने वाली पत्नियाँ आज कल बहुत परेशान हैं. एक ऐसी ही पत्नी ने अपने बाज़ार से सामान लेने जाते वरिष्ट नागरिक पति से कहा -
देखो जी,ब्लू लाइन बस से दूर रहना पता नहीं कब कुचल दे?
सड़क पर मत चलना, पता नहीं कहाँ गड्ढा हो?
फुटपाथ पर मत चलना, पता नहीं कौन दुकानदार ऐतराज कर दे?
बीआरटी कारीडोर की तरफ़ से मत जाना, पता नहीं कब निगल ले?
बिल्डिंग के बगल में मत चलना पता नहीं कब गिर पड़े?
पुलिस दिखे तो रास्ता बदल लेना, पता नहीं किस बात पर धर ले?
कोई वीआइपी आस-पास हो तो मां दुर्गा से सुरक्षा की प्रार्थना करना. में भी करूंगी.
पति घबरा गए और घर वापस आ गए. बोले, 'में नहीं जाता, घर में रहना ठीक है.'
पत्नी बोली, 'पर इस में भी खतरा है, पता नहीं कौन आकर लूट ले और मार दे'.