कहा जाता है कि इंसान को गलतियों से सीखना चाहिए. पर भारतीय मतदाता इस बात को नहीं मानता. वह बार-बार गलती करता है. कभी धर्म के चक्कर में, कभी जाति के चक्कर में, कभी पार्टी के चक्कर में, गलत बन्दों को चुन लेता है, फिर रोता है, और फिर वही गलती करता है. मतदाता रोता है, नेता हँसता है. नेता और हँसता है, मतदाता और रोता है. नेता भ्रष्टाचार करता है, मतदाता रोता है. नेता कीमतें बढ़ाता है, मतदाता रोता है.
नेता की नेतागिरी पिछले ६० वर्ष से चल रही है. मतदाता की मतदातागिरी एक दो-बार चली फिर ठंडी पड़ गई. जब चली तो कुछ फर्क पड़ा. पर मतदाता फिर नेताओं के चक्कर में आ गया, अपनी मतदातागिरी भूल गया. अब फिर नेताओं की नेतागिरी जोर-शोर से चल रही है.
बढ़ती कीमतों ने मतदाता की जिंदगी मुश्किल कर दी है. लेकिन नेता को कोई चिंता नहीं है. वह राजनीति का खेल रहा है. कभी जमाखोरों को दोष देता है, कभी मीडिया को ही दोषी ठहरा देता है. परदे के पीछे जमाखोरों से साथ-गाँठ करता है, परदे के बाहर मतदाता को झूठे आश्वासन देता है - कीमतें तीन सप्ताह में कम हो जायेंगी.
भ्रष्टाचार हो रहा है, सबको दिखाई दे रहा है, पर ईमानदारी का मुखौटा पहन कर उसे बेशर्मी से झुठलाता है. आपस में गाली-गलौज कर के मतदाता को भरमाता है. फिर बाद में मतदाता को ही गलत ठहरा देता है, क्यों केवल मेरी पार्टी की सरकार नहीं बनाई? अब गलती की है तो भुगतो.
मतदाता को संगठित होना होगा. नेतागिरी को पैरों तले रौंद कर, मतदातागिरी का परचम फहराना होगा.
वोटर फॉरम मैं आप का स्वागत है, दीजिये सकारात्मक वोट,चुनिए योग्य उम्मीदवार. Be an enlightened voter
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अब इस में कोई संदेह नहीं रहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाएगी. इस सरकार का हर कार्य नागरिकों के खिलाफ और भ्रष्टाचारियों के पक्ष में होता है. अब जहाँ भी जब भी चुनाव हो, मतदाताओं को इस भ्रष्ट सरकार और इसकी साथी भ्रष्ट पार्टियों को हराना है. A Jan Lokpal Bill has been designed which has strong measures to bring all corrupt people to book. Voters should force politicians to enact this powerful bill. Take the pledge - "I hereby take a pledge that I will not vote for that party in next elections, which does not enact Jan Lokpal or Jan Lokayukta Bill wherever it is in power - whether it is in state or at centre. If Congress wants my vote, it should enact it in centre and in all states wherever it is in power. If any other party wants my vote, it should enact it in the states where it is in power."
Thursday, January 13, 2011
मतदाता तुमने गलती की अब भुगतो
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